sanwarmal mor sikar

श्री सांवर मल मोर

श्री सांवर मल मोर 16 मई 1959 से संचालक मंडल के सदस्य थे | उन्होने कहा की यह सेवा संस्थान ग़रीब व पीड़ित मानव की सेवा के लिए स्थापित किया गया है और हम लगातार इस के माध्यम से ग़रीब और पीड़ित लोगो की सेवा करतें रहेंगे | श्री सांवर मल मोर, कल्याण आरोग्य सदन के सन् 1983 मे मंत्री चुने गये जोकी स्वर्गीय श्री बद्रीनारायण सोढाणी के बाद दूसरे मंत्री थे |

आप सभी की सेवा मे श्री कल्याण आरोग्य सदन के पूर्व मंत्री श्री सांवर मल मोर की कही कुछ महत्वपूर्ण बातें समर्पित हैं |

उन्होने श्री कल्याण आरोग्य सदन की ओर से प्रकाशित एक विवरण पत्रिका मे कहा की अब तक इस सेवा संस्थान द्वारा हज़ारो-लाखों ग़रीब और पीड़ितों को जीवन दान मिला हैं | और मुझे इस बात से हर्ष महसूस होता है की इस आरोग्य सदन की देख रेख मे सैकड़ों चिकित्सा शिविर भिन्न-भिन्न बीमारियों के निदान के लिए लगाए जा चुके हैं | जिनमे हज़ारों पीड़ितों कों चिकित्सा का लाभ मिला हैं |

आज भी प्रतिमाह शल्य चिकित्सा शिविर प्रख्यात डॉक्टर जी. एल. राठी के सोजन्य से सफलता पूर्वक संचालित होते हैं | श्री बद्री नारायण सोढाणी जी की पुण्य तिथि पर हर वर्ष अन्य बीमारियों के लिए चिकित्सा शिविर लगाने की परम्परा को पूरी तरह चालू रखा है |

संस्था की स्थापना के समय जहाँ सौ रुपये भी नही थे आज इस सेवा संस्था का वार्षिक व्यय 130 लाख रुपये से अधिक हैं जो हमारे महान दाताओं से प्राप्त होते हैं | हमे गर्व है की ग़रीबों और पीड़ितों के लिए नि:शुल्क चिकित्सा का सबसे बड़ा साधन श्री कल्याण आरोग्य सदन चिकित्सालय साँवली ही है |

अन्त मे आप सबसे यही निवेदन करूँगा की यह सेवा संस्थान आप सबका है, आप सबके सहयोग से चलता है | आइये सब मिलकर इस विशाल सेवा वटवृक्ष की हज़ारों शाखाओं से ग़रीब, पीड़ित और असहाय मानव की सेवा अधिकाधिक करें |